Tuesday, July 26, 2011

खुश ख्वाब!



कई खुश ख्वाब
देते हैं दस्तक ख्वाब में
बुनते हैं अपनी
ख्वाबों की दुनिया
फिर जब सिरहाने
आ बैठती है प्यारी सी सुबह
ये हौले से आँखों के रास्ते
उतर आते हैं दिल में
फिर तेरा नाम लेकर
ध्ाड़कते रहते हैं हर पल