Thursday, August 18, 2011

देश का युवा है तू!



चल आ, चला आ
साथ दे तू
एक-एक कर
हजार हाथ जोड़ तू
मुश्किलें अनंत हैं
मगर हिम्मत न हार तू
चल आ, चला आ
जीत ले हर जंग तू
कौन कहता है
भ्रष्टचार, अत्याचार
अनाचार, दुराचार
नहीं मिटा सकता तू
बस ठान ले तू
जान ले तू
न रूकेगा, न दबेगा
न थकेगा, न डरेगा तू
बस आगे और आगे
बढ़ता ही जाएगा तू
हिन्दूस्तान की शान तू
जान तू, ईमान तू
अभिमान तू, स्वाभिमान तू
तुझमें समाया देश, देश में तू
चल आ, चल आ
मिटा दे अब अंधकार तू
सूर्य बन अब चमक तू
खुद को पहचान तू
इस देश का है युवा तू